चन्दौली मुख्य चिकित्साधिकारी ने बुद्धवार को बताया कि जनपद चन्दौली के समस्त निजी नर्सिंग होम/चिकित्सालय / क्लीनिक/पैथालाजी व एक्स-रे सेन्टर / डेन्टल क्लीनिक/फिजियोथेरेपी सेन्टर व चिकित्सकीय प्रतिष्ठान के पंजीकरण एवं नवीनीकरण हेतु सूचना महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें, उ०प्र० लखनऊ के पत्रांक 11फ/रिट याचिका/2014/4246 लखनऊ दिनांक 11 सितम्बर 2014 विषय माननीय उच्तम न्यायालय में योजित विशेष अनुज्ञा याचिका संख्या-11452/2004 इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन बनाम राजेश कुमार श्रीवास्तव व अन्य में माननीय उच्य न्यायालय के आदेश दिनांक 30.04.2013 के अनुपालन के सम्बन्ध में एवं विशेष सचिव चिकित्सा अनुभाग-5 लखनऊ दिनांक 25.08.2014 संख्या-रिट-29/सेक-5- पाँच-2014-रिट-8/2012 के क्रम में संलग्न माननीय उच्चतम न्यायालय में योजित विशेष अनुज्ञा याचिका संख्या 11452/ 2004 में माननीय न्यायालय के आदेश दिनांक 30.04.2013 के अनुसार माननीय उच्च न्यायालय के आदेश में उद्धत माननीय उच्च न्यायालय के अवमानना संख्या-320/2002 में पारित आदेश दिनांक 28.01.2004 के दिशानिर्देशों के अनुपालन में जनपद में किसी भी चिकित्सकीय प्रतिष्ठान के संचालन से पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी यो कार्यालय में पंजीकरण कराना एवं पंजीकृत प्रतिष्ठानों का प्रत्येक वर्ष नवीनीकरण कराया जाना अनिवार्य है। निजी नर्सिंग होम/चिकित्सालय / क्लिनिक / पैथालाजी सेन्टर /एक्स-रे सेन्टर / डेन्टल क्लीनिक / फिजियोथेरेपी सेन्टर संचालकों के चिकित्सकीय प्रतिष्ठानों के पंजीकरण / नवीनीकरण हेतु निम्नलिखित अभिलेख प्रस्तुत करना अधिमान्य है-
- जनहित पोर्टल पर पंजीकरण का प्रमाण।
- चिकित्सालय/क्लिनिक / पैधौलाजी के बिल्डिंग संरचना का ले-आउट, बिजली का बिल एवं रजिस्ट्री/किरायेदारीनामा।
. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एन०ओ०सी० प्रमाण पत्र। 3 अग्नि शामक विभाग से एन०ओ०सी० प्रमाण पत्र।
- बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण हेतु एजेन्सी के अनुबन्ध पत्र की छायाप्रति।
- जल संचय हेतु रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगवाकर जिला भूगर्भ जल प्रबन्धन परिषद से एन०ओ०सी० प्रमाण पत्र। 7. 10 बेड या उससे ऊपर वाले निजी नर्सिंग होम / चिकित्सालयों के एच०टी०पी० का प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र
होना अनिवार्य है। निजी नर्सिंग होम/चिकित्सालय / क्लीनिक में 24×7 अथवा ऑनकाल कार्य करने हेतु एम०बी०बी०एस० चिकित्सक की डिग्री की •
स्वप्रमाणित छायाप्रति एवं उपस्थिति शपथ पत्र।
- चिकित्सक/पैरामेडिकल स्टाफ की डिग्री की स्वप्रमाणित छायाप्रति एवं शपथ पत्र।
- पैथालाजी सेन्टर के संचालन के लिये पैथॉलाजिस्ट एवं लैब टेक्निशियन का होना अनिवार्य है एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्रत्येक
वर्ष नवीनीकृत एन०ओ०सी० प्रमाण पत्र।
. एक्स-रे सेन्टर के संचालन के लिये रेडियोलॉजिस्ट एवं एक्स-रे टेक्निशियन का होना अनिवार्य है। 11
- समस्त डिग्री/डिप्लोमा धारक का उ०प्र० मेडिकल काउन्सिल में पंजीयन होना अनिवार्य है तत्पश्यात् ही जनपद में उन्हें
चिकित्सकीय सेन्टर की संचालन की अनुमति दी जायेगी।
- पंजीयन /पंजीकृत नर्सिंग होम में ओ०पी०डी०, आई०पी०डी०, ओ०टी० रजिस्टर एवं बी०एच०टी० रजिस्टर दैनिक रूप से अधुनान्त रखना अनिवार्य है।
जनपद चन्दौली के समस्त निजी नर्सिंग होम/चिकित्सालय/किरनिक/पैथालाजी सेन्टर / एक्स-रे सेन्टर / डेन्टल क्लीनिक / फिजियोथेरेपी सेन्टर व चिकित्सकीय प्रतिष्ठानों को अवगत कराना है कि पूर्व निर्गत मूल पंजीकरण प्रमाण पत्र दिनांक 30.04. 2024 तक ही मान्य है। समस्त चिकित्सकीय प्रतिष्ठानों को निर्देशित किया जाता है कि निर्गत मूल पंजीकरण प्रमाण पत्र का नवीनीकरण दिनांक 30.04.2025 के पूर्व उपरोक्त अभिलेखों के साथ जनहित पोर्टल पर आवेदन करके नवीनीकरण कराना सुनिश्चित करें। पूर्य निर्गत मूल पंजीकरण प्रमाण पत्र का नवीनीकरण दिनांक 30.04.2025 के पूर्व करा लें, अन्यथा दिनांक 30.04.2025 के बाद नवीनीकरण हेतु किये गये किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जायेगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में बिना पंजीकरण कराये चिकित्साभ्यास करने वाले चिकित्सकों को अवैध व झोलाछाप चिकित्सक मानते हुए उनके विरूद्ध विधिक कार्यवाही की जायेगी। बिना किसी वैध डिग्री/अभिलेख के चिकित्साभ्यास करने वाले समस्त व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि वे तत्काल क्लिनिक/नर्सिंग होम/किसी भी प्रकार का चिकित्सकीय प्रतिष्ठान बन्द कर देवे अन्यथा छापेमारी के दौरान पकड़े जाने पर मेडिकल काउन्सिल एक्ट 16 (2) के तहत वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
नोट- 1. समस्त निजी नर्सिंग होम / चिकित्सालय / क्लिनिक/पैथालाजी सेन्टर / एक्स-रे सेन्टर / डेन्टल क्लीनिक/फिजियोथेरेपी सेन्टर के नवीनीकरण / नये पंजीयन हेतु अग्नि शामक विभाग एवं जिला भूगर्भ जल प्रबन्धन परिषद से एन०ओ०सी० प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है। बिना एन०ओ०सी० प्रमाण पत्र द्वारा किया गया आवदेन मान्य नहीं होगा। 2. वाराणसी विकास प्राधिकरण के अन्तर्गत आने वाले निजी नर्सिंग होम / चिकित्सालय के भवनों का मानचित्र विकास प्राधिकरण से स्वीकृत कराना अनिवार्य है।
