सकलडीहा। भारतीय किसान यूनियन ( टिकैत ) गुट के पदाधिकारियों की बैठक रविवार को खड़ेहरा स्थित पंचायत भवन स्थित रामजानकी मंदिर पर संपपन्न हुई। इस दौरान किसानों ने अधिकारियों की ओर से मुआवजा देने के नाम पर कोरमपूर्ति और हीला हवाली का आरोप लगाया। चेताया कि शीध्र समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसान आन्दोलन के लिये सड़क पर उतरने के लिये मजबूर होंगे।
वाराणसी मण्डल महासचिव विभूति नारायण तिवारी ने कहा किसानों को एकजुट होने की जरूरत है । क्योकि अधिकारी किसानों का शोषण करने पर तुले है। किसानों की जमीन औने-पौने दाम पर खानापूर्ति कर जबरदस्ती अधिग्रहण किया जा रहा है। मण्डल वरिष्ठ उपाध्यक्ष वाराणसी रामअवतार सिंह ने कहा खडेहरा गांव के किसानों की जमीन औने-पौने दामों में सड़क चौड़ी करण के नाम पर छीनी जा रही है । किसानो को आन्दोलन करने की जरूरत है । पंचायत में चन्दौली – जिलाध्यक्ष दयाशंकर सिंह उर्फ गोपाल सिंह ने कहा चन्दौली से सैदपुर तक सड़क चौड़ी करण में जो भी किसानों की जमीन औने-पौने दामों में किसानों से नहीं लेनी चाहिए। सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जाए । किसान विकास विरोधी नहीं हैं। किसानों का शोषण कर के विकास होगा तो किसान आन्दोलन करने के लिए बाध्य होंगे । जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन – प्रशासन की होगी। इस मौके पर किसान नेता मनोज यादव, हरिद्वार सिंह,नरेश राय, सन्नी राय , रामनारायन राय, किशोरी यादव, रामजी यादव, रामाश्रय प्रजापति, राधेश्याम शुक्ल , कल्लू, सुबास, गोपाल, सरजू राम, सीताराम, सुफेर, कुबेर, दिवाकर राय, मंहगू यादव, विजेन्द्र तिवारी, रामजी राय आदि रहे।
वाराणसी मण्डल महासचिव विभूति नारायण तिवारी ने कहा किसानों को एकजुट होने की जरूरत है । क्योकि अधिकारी किसानों का शोषण करने पर तुले है। किसानों की जमीन औने-पौने दाम पर खानापूर्ति कर जबरदस्ती अधिग्रहण किया जा रहा है। मण्डल वरिष्ठ उपाध्यक्ष वाराणसी रामअवतार सिंह ने कहा खडेहरा गांव के किसानों की जमीन औने-पौने दामों में सड़क चौड़ी करण के नाम पर छीनी जा रही है । किसानो को आन्दोलन करने की जरूरत है । पंचायत में चन्दौली – जिलाध्यक्ष दयाशंकर सिंह उर्फ गोपाल सिंह ने कहा चन्दौली से सैदपुर तक सड़क चौड़ी करण में जो भी किसानों की जमीन औने-पौने दामों में किसानों से नहीं लेनी चाहिए। सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जाए । किसान विकास विरोधी नहीं हैं। किसानों का शोषण कर के विकास होगा तो किसान आन्दोलन करने के लिए बाध्य होंगे । जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन – प्रशासन की होगी। इस मौके पर किसान नेता मनोज यादव, हरिद्वार सिंह,नरेश राय, सन्नी राय , रामनारायन राय, किशोरी यादव, रामजी यादव, रामाश्रय प्रजापति, राधेश्याम शुक्ल , कल्लू, सुबास, गोपाल, सरजू राम, सीताराम, सुफेर, कुबेर, दिवाकर राय, मंहगू यादव, विजेन्द्र तिवारी, रामजी राय आदि रहे।
