सकलडीहा । मदरसा अरबिया अशरफूल ओलूम में मनाया गया जलसा इसलाहे मुआशरा
फोटो: सकलडीहा में आयोजित मदरसा अरबिया अशरफूल ओलूम में बोलते हुए
सकलडीहा,कस्बा स्थित मदरसा अरबिया अशरफूल ओलूम तालीमुल कुरान में गुरुवार की रात में एक बेहद नूरानी और ऐतिहासिक जलसा-ए-दस्तारबंदी हिफ़्जुल-इक्राम का आयोजन किया गया। इस मुबारक मौके पर उन खुशनसीब बच्चों की हौसला आफ़ज़ाई की गई। जिन्होंने अल्लाह की किताब ‘कुरान-ए-करीम’ को अपने सीनों में महफूज कर हिफ़्ज़ मुकम्मल किया है।
प्रोग्राम की शुरुआत तिलावते कुरान-ए-पाक से हुई। इस जलसे में मुख्य रूप से मौलाना कयामुद्दीन मौलाना शाहिद हाफीज शायान तक़ी समेत कई होनहार छात्रों को शील्ड ट्राफी सहित इनाम दिया गया। मकतब अंजुमन हेमायतुल इस्लाम लोग काफी संख्या में मौजूद रहे ।लोगों द्वारा द्वारा अकीदतमंदों की आंखें खुशी से छलक उठीं। मदरसा अरबिया अशरफूल ओलूम मोहतमिम मौलाना शाहिद हाफिज इकराम हाफिज रब्बानी मौलाना साहब और मुफ्ती कयामुद्दीन साहब की ज़ेरे-निगरानी इन बच्चों ने अपनी तालीम मुकम्मल की। मुफ्ती साहब ने बच्चों को मुबारकबाद देते हुए कहा कि एक हाफ़िज़ अपने खानदान के लिए अल्लाह का अनमोल तोहफा होता है।वालिदैन के लिए गर्व का पल होता है। शाहिद हाफीज और इकराम हाफिज रब्बानी मौलाना कयामुद्दीन साहब को विशेष रूप से मुबारकबाद दी गई। जलसे में मौजूद उलेमा ने कहा कि उन मां-बाप की किस्मत पर रश्क आता है जिनके बच्चे दीन की राह चुनते हैं।प्रोग्राम के आखिर में मुल्क की अमन-ओ-अमान और कौम की तरक्की के लिए खास दुआएं मांगी गई। जलसे में आए मेहमानों ने बच्चों को तोहफे देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कुरान की हिफ़ाज़त करने वाले ये बच्चे समाज का नूर हैं। मदरसा तालीमुल कुरान इसी तरह इल्म की शमा रोशन करता रहेगा । इस मौके पर मौलाना शाहिद हाफीज रब्बानी, मौलाना साहब इकराम, हाफ़िज़ अली अहमद, हाशमी टूनू खान, रोजन अली, डा0 समसुद्दीन, नासिर अली, इकराम अली, बरकत अली ,भोदू ,हदीश हाशमी, डा0महमूद ,खालीख साहब, आजाद ,इस्माइल साहब, जोखू सिद्दीकी, डॉक्टर शाह आलम, इम्तियाज अहमद दरोगा, अलीमुद्दीन सेठ, मोहम्मद कलाम ,मोहम्मद यीशु ,मेहताब अली, अयान हाशमी ,सज्जाद हाशमी,डा0 गुफरान साहिद, सुलेमानी आदि उपस्थित रहे।
