गायत्री परिवार की ओर से आयोजित कथा में जुटे भक्तजन
सकलडीहा। सकलडीहा इंटर कॉलेज में पाँच दिवसीय नौकुंडी गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। यज्ञ के चौथे सोमवार प्रातःकालीन सत्र की शुरुआत विधिवत देव पूजन, देव आवाहन एवं सप्त देवताओं के पूजन के साथ हुई। पूरे आयोजन स्थल पर आध्यात्मिक वातावरण और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर 16 श्रद्धालुओं ने गायत्री मंत्र की दीक्षा ग्रहण की तथा विभिन्न धार्मिक संस्कार भी संपन्न कराए गए। यज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं ने इदं गायत्रे इदं न मम के भाव के साथ महामृत्युंजय मंत्र एवं गायत्री महामंत्र की आहुतियाँ अर्पित किया गया। जिससे पूरा परिसर भक्ति, ऊर्जा और सकारात्मकता से ओतप्रोत हो उठा। संध्या कालीन कथा में कथावाचक बृजराज चौबे ने अपने ओजस्वी और मर्मस्पर्शी प्रवचन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि हम ईश्वर की पूजा तो करते हैं, परंतु उससे पहले हमें अपने जीवन और शरीर जो ईश्वर का अंश है की साधना और आराधना करनी चाहिए।उन्होंने चार पुष्प के रूप में जीवन में चार संयम इंद्रिय,,समय,धन और विचार संयमअपनाने का संदेश दिया। इन सिद्धांतों को उन्होंने कहानियों, उदाहरणों और चौपाइयों के माध्यम से सरल एवं प्रभावशाली ढंग से समझाया, जिसे श्रोताओं ने अत्यंत ध्यानपूर्वक सुना। इसके पूर्व सच्चा आश्रम विद्यालय के चंद्रकांत द्विवेदी और विद्वान प्रवक्ता प्रेम नारायण पाण्डे ( पंकिल )का उद्बोधन भी हुआ, जिसे श्रोताओं ने अत्यंत आत्मीयता से सुना।कार्यक्रम का समापन पर भव्य आरती का आयोजन हुआ और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर बीएम सिंह,दीपक श्रीवास्तव,बिकल जसवाल,राम प्रसाद पाठक, राजकुमार सिंह, चंद्रकला सिंह, सुशीला, रीता, राधा, गायत्री, प्रदीप जी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
