अघोरन्ना परो मंत्रः के जाप से कष्टों से मिलती है मुक्ति: पूज्य संभव राम
आदि आश्रम हरिहरपुर में गुरूपद संभव राम प्रवचन करते हुए
सकलडीहा । आदि आश्रम हरिहर में गुरुवार को परमपूज्य अघोरेश्वर प्रतिमा चरणपादुका और शिवलिंग का स्थापना दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटने लगे थे। कार्यक्रम की शुरुआत परम पूज्य बाबा सम्भव रामजी ने पूजा-पाठ, आरती, सफल योनि का पाठ और हवन के साथ की इसके बाद अघोरन्ना परो मंत्रः नास्ति तत्व गुरोः परम का अखंड संकीर्तन आरंभ हुआ। इस दौरान एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
यह आश्रम वर्षों पूर्व अवधूत भगवान राम की कुटिया हुआ करता था। बाबा की अलौकिक, दिव्य और चमत्कारी शक्तियों की कई कथाएं प्रचलित हैं। वह ऊंच-नीच और भेदभाव जैसी कुरीतियों के सख्त विरोधी थे और दिन-दुखियों की सेवा तथा समाज से जात-पात समाप्त करने के पक्षधर थे। बाबा की शक्तियों को देखकर आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचने लगे थे।दशकों पूर्व इसी स्थान पर बाबा की प्रतिमा, चरणपादुका और शिवलिंग की स्थापना की गई थी। तभी से सकलडीहा ताजपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोग हर वर्ष यह स्थापना दिवस मनाते आ रहे हैं। अघोर परिषद ट्रस्ट के परमपूज्य संभव रामजी ने बताया कि अघोरन्ना परो मंत्रः के जाप मात्र से सारे कष्टों से मुक्ति मिलती है। पूरे दिन श्रद्धालु अघोरान्न मंत्र का उच्चारण करते हुए फेरी लगाते रहे। कार्यक्रम मे सुबह साफ सफाई श्रमदान महाविभूति स्थल की पूजा पाठ आरती व सफल योनी का पाठ किया गया। इस मौके पर अभदे आश्रम के संत बाबा चंद्र शेखर साधु जी, सुरेश सिंह,पारस यादव,शिवाजी सिंह, रविन्द्र प्रताप सिंह, पोप पाल सिंह, ताजपुर पूर्व प्रधान अमित सिंह,बिक्की सिंह, राहुल सिंह, अमित कुमार,बिपिन बिहारी,सुभाष चौहान,समशेर सिंह,मुन्ना राय,इमद्रजीत सिंह बिहार,दीपू सिंह, भोला सिंह,रोहित,नीरज सिंह बाला,दीपक मिश्रा कमला प्रसाद सहित अन्य सैकड़ो की संख्या में लोग मौजूद रहे।