श्रीमद्भागवत कथा का वर्णन करते हुए मथुरा के भागवत किंकर स्वामी लोकेश आनंद जी महाराज
सकलडीहा। तेनुवट गांव में संत सुनील मिश्रा के आवास पर राधा-कृष्ण (लल्ला-लल्ली) जी के चौथे पदार्पण उत्सव के अवसर पर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया है। बुधवार को दूसरे दिन मथुरा से पधारे सुप्रसिद्ध भागवत किंकर स्वामी लोकेश आनंद जी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा का विस्तार से वर्णन किया। इस दौरान विधि विधान से पूजा अर्चन के बाद भक्तों में प्रसाद वितरण किया गया। स्वामी लोकेश आनंद जी महाराज ने संगीत मय कथा के माध्यम से श्रोताओं को ज्ञान और भक्ति की गंगा में सराबोर कर दिया।
कथा के दूसरे दिन कथावाचक किंकर स्वामी लोकेश आनंद जी महाराज ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा जीवन में सदमार्ग की ओर ले जाता है। कथा का प्रतिदिन सुनने वाले सदैव प्रंसन्नचित रहते है। कभी भी अधर्म के मार्ग पर नहीं जाते है। भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के जीवन से अज्ञान, मोह और विकार को दूर करता है तथा भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संचार करता है। भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही भक्तों का कल्याण संभव है। भागवत कथा जीवन के हर पहलू में सकारात्मक परिवर्तन लाने की शक्ति रखती है और मनुष्य को ईश्वर के निकट ले जाती है। इस मौके पर अनिरुद्ध मिश्रा, अरविंद मिश्रा, अश्वनी मिश्रा, रमाकांत पांडे, शशिकांत पांडे, हरी सेवक चतुर्वेदी, विजय पांडे,गोपाल तिवारी,राजीव दीक्षित (पूर्व प्रधान), संतोष पांडे, संजय पांडे, शिवपूजन पांडे,आशुतोष पांडे,सहित बड़ी संख्या में भक्तगण कथा का रसपान किया।
