टिमिलपुर गांव व सीएचसी के पास बजबजाता नाला
घरों में वापस घुस रहा गंदे नाले का पानी बिमारियों को दे रहा दावत अधिकारी बने अनजान
सकलडीहा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत लगातार कवायद किया जा रहा है, इसके बाद भी नालों की साफ सफाई को लेकर कोरमपूर्ति किया जा रहा है। टिमिलपुर गाँव सहित सीएचसी के समीप गंदा नाला बीते कई माह से बदबू के साथ ओवरफ्लो हो कर बजबजा रहा है।यही नही अब तो नाला जाम होने से लोगो के घरों में वापस घुस रहा गंदा पानी कई तरह की बीमारियों को दावत भी देता नजर आ रहा है।अधिकारी इतना अनजान हुए बैठे है जैसे कुछ जानते ही नही है,जब कि इसकी सूचना विकास खंड अधिकारी से लेकर सचिव प्रधान को भी दिया गया परन्तु किसी ने इस तरफ ध्यान नही दिया,अब ग्रामीणों ने चेताया है कि अगर जल्द सफाई नही हुई तो तहसील दिवस पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे जो इसकी सारी जिम्मेदारी विकास खंड अधिकारी व अन्य की होगी,इस गंदगी से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।वही हॉस्पिटल पर आने जाने वाले मरीज से लेकर राहगीर और चिकित्सक तक परेशान है, इसके बाद भी विभागीय अधिकारी अंजान बने हुए है। गांव सहित आने जाने वाले क्षेत्रीय लोगों ने गंदा नालों की नियमित साफ सफाई कराये जाने के साथ नाले पर ढक्कन लगाने का मांग किया है।
सकलडीहा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के समीप गंदा नाला का निर्माण कराया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गंदा नाला का नियमित साफ सफाई नहीं होने पर गांव में आने जाने वाले ग्रामीणों को दुर्गंध का सामना करना पड़ता है।गांव के ग्रामीणों ने आरोप लगाया की कभी कभी उच्चाधिकारियों के शिकायत करने पर भी टिमिलपुर गांव में नियुक्त सफाई कर्मी सिर्फ खाना पूर्ति कर कचरा सड़क के किनारे निकाल कर छोड़ देते है जिसके कारण गांव के आने जाने वाले ग्रामीणों को काफी दुर्गंध का सामना करना पड़ता है जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। वही दूसरी तरफ सीएचसी हॉस्पिटल में जाने वाले मरीज भी परेशान रहते है।शिकायत के बाद भी साफ सफाई के नाम पर कोरमपूर्ति किये जाने पर ग्रामीणों में आक्रोश है। सीएचसी से लेकर गांव तक जाने वाली मार्ग पर नाला पर ढ़क्कन और साफ सफाई कराये जाने की मांग किया है। इस बाबत सचिव संदीप गौतम ने बताया कि शीध्र ही रोस्टर लगाकर गांव में साफ सफाई कराया जायेगा।
इनसेट
एक कहावत है कि पैजामा सील गया पर नाड़े के अभाव में चली गयी इज्जत,बस ऐसा ही कुछ नजारा यहां भी है नाला तो बन गया परन्तु निकासी का कोई स्थान ही नही बन पाया।अब गंदे नाले का पानी जाय कहा उसी नाले में सड़न होने से पूरा गंदे नाला का पानी सड़न बदबूदार काला पड़ा हुआ है।
