Home चंदौली हिंदी पत्रकारिता दिवस पर मंथन: पत्रकारिता का धर्म सत्य और समाज की पीड़ा, सत्ता से सवाल पूछना उसका दायित्व

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर मंथन: पत्रकारिता का धर्म सत्य और समाज की पीड़ा, सत्ता से सवाल पूछना उसका दायित्व

0
हिंदी पत्रकारिता दिवस पर मंथन: पत्रकारिता का धर्म सत्य और समाज की पीड़ा, सत्ता से सवाल पूछना उसका दायित्व

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर मंथन: पत्रकारिता का धर्म सत्य और समाज की पीड़ा, सत्ता से सवाल पूछना उसका दायित्व

चंदौली डीडीयू नगर। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर चंदौली प्रेस क्लब द्वारा पीडीडीयू नगर स्थित एक होटल में आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने पत्रकारिता के मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि पत्रकारिता कोई साधारण पेशा नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य है। पत्रकार का वास्तविक पक्ष सत्य और समाज की पीड़ा होती है, न कि कोई दल, विचारधारा या सत्ता।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की ताकत उसकी लेखनी में निहित होती है, जो समाज को दिशा देने और जनचेतना जगाने का सामर्थ्य रखती है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान पत्रकारों ने अपनी लेखनी के माध्यम से राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत किया और अंग्रेजी शासन के खिलाफ जनमत तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कुलपति ने वर्तमान दौर में सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि सूचनाओं के तीव्र प्रसार के साथ-साथ उनकी विश्वसनीयता और प्रमाणिकता का संकट भी बढ़ा है। कई बार बिना सत्यापन के खबरों के प्रसारण से भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। उन्होंने पत्रकारों से तथ्यों की सत्यता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। साथ ही कहा कि किसी व्यक्ति के अपराधी या निर्दोष होने का निर्णय न्यायपालिका का विषय है, पत्रकारों का कार्य केवल तथ्यों को सामने लाना है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, वरिष्ठ साहित्यकार एवं चिंतक प्रो. वशिष्ठ द्विवेदी ‘अनूप’ ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता का मूल चरित्र सत्ता के समर्थन में नहीं, बल्कि अन्याय और शोषण के खिलाफ प्रतिरोध की आवाज बनने में रहा है। उन्होंने कहा कि साहित्य और पत्रकारिता दोनों की मूल चेतना जनपक्षधरता से जुड़ी है।
उन्होंने हिंदी पत्रकारिता के इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि उदन्त मार्तण्ड, कवि वचन सुधा, हिंदी प्रदीप, प्रताप, आज, नवजीवन और हरिजन जैसे पत्रों ने राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि इन पत्रों के संपादकों ने जेल यात्राएं कीं, आर्थिक कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता से समझौता नहीं किया।
प्रो. अनूप ने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य सत्ता का गुणगान करना नहीं, बल्कि सत्ता से सवाल पूछना और जनता की आवाज को मुखर करना है। उन्होंने चिंता जताई कि आज मीडिया का एक बड़ा वर्ग सत्ता के अधिक करीब दिखाई देता है, जबकि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनता के हितों की रक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
वरिष्ठ पत्रकार विजय विनीत ने कहा कि पत्रकार को स्थायी रूप से सत्ता के विपक्ष में खड़ा रहना चाहिए, क्योंकि पत्रकारिता का मूल धर्म सत्ता से सवाल पूछना और समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज को सामने लाना है। उन्होंने कहा कि सच लिखने की कीमत हमेशा चुकानी पड़ती है, लेकिन पत्रकारिता का दायित्व इसी साहस और प्रतिबद्धता से पूरा होता है।
उन्होंने चंदौली प्रेस क्लब की सराहना करते हुए कहा कि संगठन ने कम समय में पत्रकार प्रशिक्षण, पुस्तकालय स्थापना और पत्रकार हितों से जुड़े कई रचनात्मक कार्य किए हैं। विजय विनीत ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल खबर लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम भी है। उन्होंने नौगढ़ और चकिया क्षेत्र में भूख, गरीबी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जुड़ी खबरों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई रिपोर्टों के बाद प्रशासन को कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि पीड़ित, उपेक्षित और कमजोर वर्गों की आवाज को शासन तक पहुंचाना भी है। मीडिया संस्थानों में बढ़ती व्यावसायिकता और हस्तक्षेप के बावजूद पत्रकारों को अपनी नैतिकता, निष्पक्षता और जनपक्षधरता बनाए रखनी होगी।कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती जी तैलीय चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करके व माल्यार्पण करके हुआ ।कार्यक्रम का प्रारंभ स्वागत गीत के साथ हुआ उसके बाद अतिथियों का स्वागत ब्रजेश कुमार ने किया तथा विषय प्रवर्तन अमरेंद्र पांडेय ने किया।कार्यक्रम का संचालन पवन तिवारी तथा धन्यवाद ज्ञापन राजीव जायसवाल ने किया । इस अवसर पर आसाराम यादव, करुणापति तिवारी, सरदार महेंद्र सिंह मनोज उपाध्याय कमलेश तिवारी,संदीप निगम, कृष्ण मोहन ,आनंद सिंह सत्य नारायण,संजीव पाठक, सूर्यप्रकाश सहित काफी संख्या में पत्रकार मौजूद थे, ।

Previous article अपना दल कमेरावादी की एक अहम बैठक की गई
Next article देवी अहिल्याबाई जी की 301 वा जन्मदिवस के अवसर पर मेधावी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
मैं अमित कुमार सकलडीहा पिछले लगभग 13 वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त न्यूज़ सम्प्रेषण के डिजिटल माध्यम से जुडा हूँ.मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की ख़बरों को प्रमुखता से उठाना व असहाय गरीब को न्याय दिलाना.जिसमे आप सभी का सहयोग प्रार्थनीय है।.अमित कुमार सकलडीहा एडिटर- अमित कुमार ब्लागिंग फ़ेसबुक, इंस्ट्राग्राम,यूट्यूब,जैसे अन्य लिंक पर न्यूज़ का कार्य करते हुए व सबसे अधिक आस्था में कार्य व सामाजिक कार्य मे सदैव समर्पित रहने का कार्य करता है सबका साथ सबका विकास ABR न्यूज़ एजेंसी स्वतन्त्र लेखन करता है। विज्ञापन व सभीं तरह के समाचार के लिए सम्पर्क कर सकते है।व्हाट्सएप न0 9473743190 इस बेबसाइट को बढ़ाने के लिए आप अपना योगदान दे ,धन्यवाद।।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

You cannot copy content of this page