एसी कार्यालय और गाड़ी से बाहर नहीं निकल रहे है अधिकारी: माले
104 दिनों से भाकपा माले का तहसील मुख्यालय पर अनिश्चित कालीन धरना जारी
23 सूत्री मांगों को लेकर भाकपा माले सहित विभिन्न संगठन के पदाधिकारी बैठे है धरना पर
तहसील प्रशासन एसी कमरा और कार्यालय छोड़कर नही निलक रहे समस्या निस्तारण के लिये
सकलडीहा तहसील मुख्यालय पर धरना देते भाकपा माले के पदाधिकारी
सकलडीहा। तहसील मुख्यालय पर अधिकारियों के बीच भाकपा माले सहित विभिन्न संगठन की ओर से 104 दिनों से 23 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके बाद भी अधिकारियों की ओर से समस्या को निस्तारण को लेकर सिर्फ कोरा आश्वासन दिया जा रहा। धरनारत आन्दोलनकारियों ने आरोप लगाया कि अधिकारी एसी कमरा और गाड़ी छोड़कर क्षेत्र में नही जाने से समस्या बरकरार है। चेताया कि समस्या का समाधान होने तक भाकपा माले धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
भाकपा माले के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सकलडीहा तहसील मुख्यालय का सबसे बड़ा खेल ग्राउंड बीते कई माह से जलमग्न है। कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर और जिलाधिकारी की ओर से समस्या दूर कराये जाने का निर्देश दिया गया। इसके बाद भी समस्या बरकरार है। जिससे एलटी मॉडल स्कूल का संचालन ठप पड़ा हुआ है। सकलडीहा इंटर कॉलेज के छात्रों खेलकूद कार्यक्रम स्थगित है। सुबह ग्रामीणों का टहलना बंद है। धानापुर के नरौली के 14 दलित परिवारों को सिलिंग की आवंटित जमीन पर कब्जा दिलाने और राजस्व अभिलेख में नाम दर्ज अभी तक नहीं हो पाया। डा.आंबेडकर की प्रतिमा स्थल का चयन अभी तक नहीं किया गया। टिमिलपुर की प्राचीन सरोवर गंदगी से पटा हुआ है। सकलडीहा की सड़के कीचड़ युक्त है। मवेशी का टीकाकरण नहीं होने से पशुपालक परेशान है। लेखपाल के मुंशी गरीबों का शोषण कर रहे है। प्रमाण पत्र के लिये छात्र परेशान है। तहसील परिसर में पानी और शौचालय की सुविधा के लिये महिलायें से लेकर अन्य हर सभी परेशान है। वाहनों की पार्किग की सुविधा नहीं है। तहसील के सफाई कर्मी राजस्व जेल में आशियाना बनाये हुए है। इसके बाद भ्री तहसील के अधिकारी सिर्फ गुमराह कर रहे है। धरना स्थल पर विरोध जताने वालों में श्रवण कुशवाहा,रमेश राय,सदानंद बनवासी,नगीना देवी ,अंजना देवी, रेखा भारती, आदि लोग मौजूद रहे ।
भाकपा माले के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सकलडीहा तहसील मुख्यालय का सबसे बड़ा खेल ग्राउंड बीते कई माह से जलमग्न है। कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर और जिलाधिकारी की ओर से समस्या दूर कराये जाने का निर्देश दिया गया। इसके बाद भी समस्या बरकरार है। जिससे एलटी मॉडल स्कूल का संचालन ठप पड़ा हुआ है। सकलडीहा इंटर कॉलेज के छात्रों खेलकूद कार्यक्रम स्थगित है। सुबह ग्रामीणों का टहलना बंद है। धानापुर के नरौली के 14 दलित परिवारों को सिलिंग की आवंटित जमीन पर कब्जा दिलाने और राजस्व अभिलेख में नाम दर्ज अभी तक नहीं हो पाया। डा.आंबेडकर की प्रतिमा स्थल का चयन अभी तक नहीं किया गया। टिमिलपुर की प्राचीन सरोवर गंदगी से पटा हुआ है। सकलडीहा की सड़के कीचड़ युक्त है। मवेशी का टीकाकरण नहीं होने से पशुपालक परेशान है। लेखपाल के मुंशी गरीबों का शोषण कर रहे है। प्रमाण पत्र के लिये छात्र परेशान है। तहसील परिसर में पानी और शौचालय की सुविधा के लिये महिलायें से लेकर अन्य हर सभी परेशान है। वाहनों की पार्किग की सुविधा नहीं है। तहसील के सफाई कर्मी राजस्व जेल में आशियाना बनाये हुए है। इसके बाद भ्री तहसील के अधिकारी सिर्फ गुमराह कर रहे है। धरना स्थल पर विरोध जताने वालों में श्रवण कुशवाहा,रमेश राय,सदानंद बनवासी,नगीना देवी ,अंजना देवी, रेखा भारती, आदि लोग मौजूद रहे ।
