सकलडीहा सकलडीहा विकास खंड के अंतर्गत आने वाली टीमिलपुर ग्राम सभा इन दिनों सफाई व्यवस्था की बदहाली से जूझ रही है। गांव में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं तथा नालियां जाम होने के कारण पहली ही बारिश में कई स्थानों पर जलजमाव की स्थिति बन गई है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।ग्रामीणों के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन के दावों के विपरीत टीमिलपुर कन्या कंपोजिट विद्यालय के मुख्य द्वार के सामने कचरे का ढेर लगा हुआ है, जिससे विद्यालय आने वाले छात्र-छात्राओं को असुविधा हो रही है। इसके अलावा दुर्गा माता मंदिर परिसर के आसपास भी गंदगी फैली हुई है। गांव के मुन्ना चौहान के घर से लेकर पानी की टंकी तक नाला जाम होने के कारण गंदा पानी सड़क पर बह रहा है।इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से होकर गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर भी नाला अवरुद्ध होने से गंदा पानी सड़क पर फैल गया है। इससे मरीजों, स्वास्थ्य कर्मियों तथा राहगीरों को दुर्गंध और जलजमाव के बीच आवागमन करना पड़ रहा है।ग्राम प्रशासक ने बताया कि गांव में सफाईकर्मी के अभाव के कारण नियमित सफाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने इस संबंध में उच्च अधिकारियों को लिखित रूप से सफाईकर्मी की तैनाती की मांग भेजी है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से मंदिर परिसर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, परिषदीय विद्यालय तथा पूरे कस्बाई एवं ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छता संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सफाईकर्मी की मांग की जा रही है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है। नालियों में जमा गंदा पानी और कचरे के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया और डायरिया जैसी बीमारियों की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सफाई व्यवस्था बहाल नहीं की गई और स्थायी सफाईकर्मी की नियुक्ति नहीं हुई, तो वे ब्लॉक मुख्यालय पर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।इस संबंध में सहायक खंड विकास अधिकारी बजरंगी पांडेय ने बताया कि सफाईकर्मी की नियुक्ति के लिए उच्च अधिकारियों से वार्ता की गई है तथा समस्या के शीघ्र समाधान का प्रयास किया जा रहा है।


