अवैध मच्छररोधी अगरबत्तियों की बिक्री पर प्रशासन सख्त
चंदौली। जिले में अवैध, अपंजीकृत और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मच्छररोधी अगरबत्तियों की बिक्री, भंडारण और निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने किराना दुकानदारों, कीटनाशी विक्रेताओं और पेस्ट कंट्रोल ऑपरेटरों को ऐसे उत्पादों की बिक्री तत्काल बंद करने की चेतावनी दी है।जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि स्वीट नाईट, डायनासोर, श्री डेंगू किलर, स्लीपवेल और कम्फर्ट नाम से बिकने वाली कुछ अगरबत्तियों में अपंजीकृत कीटनाशी रसायन डीमेफ्लूथ्रिन और मेपेफ्लूथ्रिन के इस्तेमाल की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे अनधिकृत रसायनों का उपयोग स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इनके धुएं के संपर्क में आने से सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन, एलर्जी और फेफड़ों से संबंधित समस्याएं होने की आशंका रहती है।उन्होंने सभी संबंधित दुकानदारों और विक्रेताओं को निर्देश दिया कि ऐसे उत्पादों का विक्रय व भंडारण तत्काल प्रभाव से बंद कर दें। प्रशासन की ओर से इन उत्पादों की बिक्री पर निगरानी बढ़ा दी गई है और जांच अभियान चलाया जा रहा है।जिला कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान यदि किसी प्रतिष्ठान पर अनधिकृत कीटनाशी रसायनों से युक्त अगरबत्तियां पाई गईं तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ कीटनाशी अधिनियम-1968 एवं नियमावली-1971 के तहत कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि वे केवल प्रमाणित एवं अधिकृत मच्छररोधी उत्पादों का ही प्रयोग करें और संदिग्ध या गैर-प्रमाणित उत्पादों की बिक्री की जानकारी संबंधित विभाग को दें।