मौसम का बदला मिजाज, मरीजों की बढ़ी संख्या
सकलडीहा कस्बा स्थित सीएचसी में सुबह से जुटी रही मरीजों की भीड़, बुखार-खांसी और जुकाम के मरीज बढ़े
सकलडीहा (चंदौली)। मौसम में अचानक आए बदलाव का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। सोमवार की सुबह सकलडीहा कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर उपचार कराने वाले मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा देखने को मिला। सुबह से ही अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगी रही। इनमें बुखार, खांसी, जुकाम, गले में खराश और वायरल संक्रमण से संबंधित मरीजों की संख्या अधिक रही। चिकित्सक.डॉ0.बीके प्रसाद, डॉ. संजीव जायसवाल ने बताया कि इन दिनों मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। कभी गर्मी तो कभी ठंडक और नमी के कारण लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। ऐसे में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।उन्होंने बताया कि बदलते मौसम में बुखार, खांसी, जुकाम और गले से संबंधित शिकायतों के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। लोगों को बीमारी से बचाव के लिए साफ-सफाई के साथ खान-पान पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, दाल, अंकुरित अनाज और पौष्टिक भोजन को दैनिक आहार में शामिल करना लाभकारी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए और संभव हो तो उबालकर या स्वच्छ फिल्टर का पानी ही इस्तेमाल करना चाहिए।चिकित्सक ने सलाह दी कि बाजार में खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों, कटे हुए फल, बासी भोजन और अत्यधिक तली-भुनी चीजों के सेवन से बचें। भोजन को ढककर रखें और खाने से पहले तथा शौचालय के बाद साबुन से हाथ अवश्य धोएं। घर के आसपास पानी जमा न होने दें और मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी अथवा अन्य सुरक्षित उपायों का इस्तेमाल करें।उन्होंने कहा कि खांसी-जुकाम से पीड़ित व्यक्ति भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और दूसरों के संपर्क में आने पर सावधानी बरतें। घर में बच्चों और बुजुर्गों को मौसम के अनुरूप कपड़े पहनाएं। ठंडे पानी और ठंडी चीजों का सेवन करने से भी परहेज करें, विशेषकर जब गले में खराश या सर्दी-जुकाम की शिकायत हो।डॉ. संजीव जायसवाल ने लोगों से अपील की कि बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी या अन्य लक्षण लंबे समय तक बने रहने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लें। समय रहते जांच और उपचार कराने से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है। बदलते मौसम में सावधानी, संतुलित आहार और स्वच्छता को ही स्वस्थ रहने का सबसे बेहतर उपाय बताया।

