सफाई कर्मियों की मनमानी से सकलडीहा में गंदगी का अंबार
समय से कूड़ा न उठने से ग्रामीणों में आक्रोश, त्योहारों से पहले व्यवस्था सुधारने की मांग
सकलडीहा के नागेपुर में गंदगी साफ करते समाजसेवी युवक
सकलडीहा। तहसील, ब्लाक और विधानसभा मुख्यालय होने के बावजूद सकलडीहा कस्बे में सफाई व्यवस्था बदहाल है। स्कूल मार्ग से लेकर मुख्य सड़कों और गली-मोहल्लों तक जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा हुआ है। समय से सफाई कर्मियों के नहीं पहुंचने और कूड़ा न उठाए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण सफाई कर्मी मनमानी कर रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई माह से कस्बे में सफाई व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद गांवों में प्रशासक नियुक्त किए गए हैं। इसके बाद सफाई व्यवस्था और भी प्रभावित हुई है। नागेपुर, सकलडीहा, टिमिलपुर और तेंदुई गांव के मुख्य मार्गों से लेकर गली-मोहल्लों तक गंदगी का अंबार लगा है। समय से कूड़ा न उठने के कारण दुर्गंध और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि आगामी दिनों में शारदीय नवरात्र, धनतेरस, दीपावली और डाला छठ जैसे महत्वपूर्ण पर्व हैं। ऐसे में कस्बे और गांवों में विशेष सफाई अभियान चलाए जाने की जरूरत है। पूर्व में बीडीओ, एडीओ पंचायत और सचिव ने व्यापारियों के साथ बैठक कर सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।नागेपुर में गंदगी का ढेर देखकर एक समाजसेवी युवक को स्वयं सफाई करनी पड़ी। इसको लेकर ग्रामीणों में विभागीय व्यवस्था के प्रति नाराजगी है।व्यापार मंडल अध्यक्ष दिलीप गुप्ता, गोविंद सोनकर, सोहन गुप्ता, लल्लू खां और महेंद्र यादव ने कहा कि त्योहारों से पहले यदि सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो कस्बावासी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।