23 सूत्री मांगों को लेकर 14 दिनों से तहसील मुख्यालय पर चल रहा अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन
तहसील मुख्यालय पर अनिश्चित कालीन धरना पर बैठे भाकपा माले के पदाधिकारी
सकलडीहा। 23 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को भाकपा माले सहित विभिन्न संगठन का चौदहवें दिन अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन जारी है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की आदेश के बावजूद भू माफिया जबरन कब्जा कर ले रहे है। जबकि लगातार प्रदेश सरकार और राजस्व परिषद की ओर से अवैध कब्जा और राजस्व स्ंबधित मामलों का निस्तारण का निर्देश दिया जा रहा है। इसके बाद भी तहसील प्रशासन तहसील छोड़कर कहीं नहीं हिल पा रहे है। जिससे फरियादियों में आक्रोश पनपने लगा है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन की ढुलमुल रवैया के कारण तहसील के लेखपाल कानूनगों मनमानी पर उतर आये है। एसडीएम और तहसीलदार न्यायालय सहित अधिकारियों के आदेश के बाबजूद लेखपाल विपक्षी से मिलकर पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय कब्जा करा रहे है। जांच पड़ताल और रिपोर्ट के नाम पर कोरमपूर्ति कर रहे है। तहसील में प्रावईट कर्मियों की मनमानी के कारण फरियादियों के फाइल तक गुम होगये है। फाइल खोजवाने और रिपोर्ट लगवाने के नाम पर भारी भरकम शोषण किया जा रहा है। धरना रत आन्दोलनकारियों ने अधिकारियों के निर्देशों का पालन कराने और गरीबों को पटटा हुई भूमि को दर्ज करने और कब्जा दिलाने की मांग किया है। मथेला गांव में भू माफियाओं की ओर से किया गया अवैध कब्जा हटवाने की मांग किया है। सीमांकन के नाम पर मनमानी वसूली पर रोक लगाने की मांग दोहराया है। इस मौके पर विरोध जताने वालों में शशिकांत सिंह, उमानाथ चौहान तूफानी गोंड, तेजू राय, श्याम देइ, रमेश राय, डॉक्टर सुदर्शन राय, विकास गुप्ता, रतनलाल, सारनाथ राय, प्रमिला मौर्य, रेखा देवी, अंजना देवी, गुड्डी, राजेश गिरी, राम कृत, जोखू राम, अशोक कुमार,मुन्नीलाल,श्रवण कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
