सकलडीहा। 23 सूत्री मांगों को लेकर भाकपा माले सहित विभिन्न संगठन के पदाधिकारी सकलडीहा तहसील मुख्यालय पर अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन चालीसवें दिन भी शनिवार को जारी रहा। इस दौरान वक्ताओं ने तहसील प्रशासन पर राजस्व मामलों के निस्तारण में मनमानी और दुर्व्यवहार किये जाने का आरोप लगाया है। वक्ताओं ने चेताया कि तहसील प्रशासन अपना अड़ियल रवैया नहीं बदला तो भाकपा माले सड़क पर उतरने के लिये मजबूर होगा।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि तहसील के अधिकारी समस्याओं के निस्तारण के नाम पर पुलिस बल के साथ मनमानी कर रहे है। मथेला में सीमांकन के दौरान नायब तहसीलदार गरीब परिवार की महिलाओं की एक बात भी नहीं सुना। पुलिस बल के साथ महिला के घर तक सीमांकन कर दिया। मेाबाइल रिकाडिंग करने से जोर जबरजस्ती करने लगे। पुलिस और राजस्व कर्मियों की मनमानी से क्षेत्र के गरीबों का विश्वास शासन प्रशासन से उठने लगा है। अधिकारियों भाषा संयमित नहीं होने पर परिवार के लोगों में आक्रोश है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि भू माफिायों से साठ गांठ करके प्रशासन मनमानी पर उतर आया है। कहा कि सकलडीहा इंटर कॉलेज का खेल ग्राउंड जलमग्न है। सकलडीहा की सड़क जर्जर और भूमाफियाओं ने कब्जा कर लिया है। फोर लेन सड़क निर्माण कराने वाली कार्यदायी संस्था की ओर से व्यापारियों और भू स्वामियों को मुआवजा तक नही दिया गया। धानापुर में दर्जनों दलित परिवार को आवंटन के बाद भी कब्जा नही मिल रहा है। सकलडीहा ग्राम सभा में सरकारी भूमि पर दबंग कब्जा कर रहे है। इसके बाद भी तहसील प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। वक्ताओं ने कहा कि शासन प्रशासन के लोग जन आन्देालन के प्रति संवेदनहीन होचुकी है। लोकतांत्रिक तरीके से आन्दोलन करने के लिये जब उतरती है तो उसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है। धरना स्थल पर रमेश राय,श्रवण कुमार कुशवाहा,मुन्नीलाल ,सीताराम बनवासी, रेखा देवी अंजनी देवी, रमेश प्रजापति ,मदन यादव,शेषनाथ यादव, पारसनाथ विश्वकर्मा, पिंटू पाल, प्रमिला मौर्य ,राजेश मौर्य आदि रहे।
