नवनिर्मित नाला के सामने वैकल्पिक नाला से बह रहा नाबदान का पानीनाबदान के पानी से होकर आने जाने को मजबूर है ग्रामीणनाला निर्माण होने के बाद भी नही हो पा रहा जल निकासी का समाधाननागेपुर के मुख्य मार्ग पर बह रहा नाबदान का पानीटिमिलपुर के काली माता मंदिर के मुख्यमार्ग पर रहा नाले का पानी
सकलडीहा। कही टिमिलपुर काली माता मुख्यमार्ग तो कही कस्बा के मुख्य मार्ग पर बह रहा गंदे नाले का पानी वही फोरलेन सड़क निर्माण के दौरान नाला निर्माण जगह जगह हुआ है। इसके बाद भी जल निकासी की समस्या बनी हुई है। वैकल्पिक नाला के माध्यम से नाला का पानी सड़क पर बह रहा है। टिमिलपुर गांव के काली माता मंदिर के साथ ही कस्बे के प्राचीन दर्जनों देवताओं का दर्शन पूजन करने के लिए नाबदान के गंदे पानी से होकर सुबह शाम लोग को मंदिर पर ब्रती महिलाएं श्रद्धालुओं को आने जाने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई करने से उच्चाधिकारी चुप्पी साधे हुए है। जिसे लेकर कस्बावासियों में आक्रोश पनपने लगा है। जबकि दो सप्ताह पूर्व डीएम और एसपी जलभरॉव की समस्या को देख पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया था।
व्यापारियों का आरोप है कि फोरलेन सड़क निर्माण कराने वाली कार्यदायी संस्था नाला निर्माण को लेकर मनमानी कर रहा है। पानी निकासी की सतह सही नही होने पर नवनिर्मित नाला शोपीश बना हुआ है। नवनिर्मित नाला के समीप से सड़क पर वैकल्पिक नाला के माध्यम से नाबदान का पानी सड़क पर बह रहा है। नवनिर्मित नाला कही उंचा और कही पर नाला अधूरा पड़ा हुआ है। जिसके कारण दुकान और पटरी पर नाबदान और बरसात का पानी लग जा रहा है। इससे संक्रामक रोग से लेकर मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। सुबह शाम नाबदान के पानी से होकर लोग जाने के लिये मजबूर है। मुंन्ना चौहान,काशी यादव सुनील सिंह,बाबूलाल यादव सहित अन्य व्यापारी ग्रामीणो ने जिला प्रशासन से कार्यदायी संस्था की मनमानी के खिलाफ अंकुश लगाने की मांग किया है। नियमानुसार और गुणवत्तापूर्ण नाला निर्माण की मांग उठाया है।
व्यापारियों का आरोप है कि फोरलेन सड़क निर्माण कराने वाली कार्यदायी संस्था नाला निर्माण को लेकर मनमानी कर रहा है। पानी निकासी की सतह सही नही होने पर नवनिर्मित नाला शोपीश बना हुआ है। नवनिर्मित नाला के समीप से सड़क पर वैकल्पिक नाला के माध्यम से नाबदान का पानी सड़क पर बह रहा है। नवनिर्मित नाला कही उंचा और कही पर नाला अधूरा पड़ा हुआ है। जिसके कारण दुकान और पटरी पर नाबदान और बरसात का पानी लग जा रहा है। इससे संक्रामक रोग से लेकर मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। सुबह शाम नाबदान के पानी से होकर लोग जाने के लिये मजबूर है। मुंन्ना चौहान,काशी यादव सुनील सिंह,बाबूलाल यादव सहित अन्य व्यापारी ग्रामीणो ने जिला प्रशासन से कार्यदायी संस्था की मनमानी के खिलाफ अंकुश लगाने की मांग किया है। नियमानुसार और गुणवत्तापूर्ण नाला निर्माण की मांग उठाया है।
इनसेट:
टिमिलपुर गांव के काली माता मंदिर का पूजा गुरुवार को होना है जहां ग्रामीणों का आरोप है कि काली माता के मुख्य मार्ग पर हल्की बारिश होते ही मार्ग खराब होने से पूजा जलजमाव के साथ कीचड़ हो जाता है जिससे आने जाने वाले राहगीर के साथ ही अन्य मंदिर के भक्तों को उसी गंदे नाले के पानी से होकर गुजरना पड़ता है। वही ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से मार्ग मरम्मत व नाले की सफाई की मांग किया है।


