कोटेदार के खिलाफ जांच करते हुए नायब तहसीलदार दिनेश चन्द्र शुक्ल और पूर्ति निरीक्षक ममता सिंह
सकलडीहा। तहसील क्षेत्र के अवही गांव में एक कोटेदार पर खाद्यान्न की कालाबाजारी का आरोप लगा है। ग्रामीणों की शिकायत पर जांच धीना थाने में कोटेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उसकी सस्ते गल्ले की दुकान निलंबित कर दी गई है। यह कार्रवाई पूर्ति निरीक्षक ममता सिंह ने एसडीएम कुंदन राज कपूर के निर्देश पर किया है। विभागीय कार्रवाई से कोटेदारों में खलबली मची है।
पूर्ति निरीक्षक ने बताया कि धानापुर विकास खंड के अवही गांव की सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के खिलाफ मुख्यमंत्री पोर्टल पर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के आधार पर, बीते दिनों पूर्ति निरीक्षक ममता सिंह अपने सहायक नितिन कुशवाहा के साथ जांच के लिए पहुंचीं। दुकान बंद मिली और कोटेदार ने बाहर होने का हवाला दिया, जिसकी सूचना पूर्ति कार्यालय को नहीं दी गई थी। इस पर पूर्ति निरीक्षक ने दुकान को सील कर दिया और इसकी जानकारी एसडीएम कुंदन राज कपूर को दी गई। एसडीएम के निर्देश पर 18 दिसंबर को नायब तहसीलदार की उपस्थिति में सील खोली गई और कोटेदार रामअवतार के पुत्र श्रवण कुमार की मौजूदगी में निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। उचित दर की दुकान में 40 क्विंटल गेहूं और 60 क्विंटल चावल कम पाया गयाकुल मिलाकर 100 क्विंटल खाद्यान्न गायब था। ग्राम सभा के कार्डधारकों के बयान भी दर्ज किए गए। कार्डधारकों ने बताया कि विक्रेता एक महीने का राशन देकर दो महीने का राशन नहीं देता था। लेकिन ई-पॉस मशीन पर हर महीने अंगूठा लगवा लेता था। इस मामले में उच्चाधिकारी के निर्देश पर अनुबंध पत्र की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। साथ ही, दुकान को निलंबित कर दिया गया है। इस बाबत पूर्ति निरीक्षक ममता सिंह ने बताया कि कोटेदार पर मुकदमा दर्ज कर दुकान निलंबित कर दी गई है।
