दुर्गा माता मंदिर का मुख्य गेट अधूरा, पुजारी व कस्बावासियों में नाराजगी
तीन साल बाद भी नहीं हुआ संपूर्ण मरम्मत कार्य, पीडब्ल्यूडी से काम पूरा कराने की मांग
सकलडीहा। सैदपुर-चंदौली मुख्य मार्ग के निर्माण के दौरान सकलडीहा कस्बे में कई स्थानों पर कराए गए विकास कार्य अब भी अधूरे पड़े हैं। सड़क निर्माण के दौरान उखाड़े गए हैंडपंप, मंदिरों के मुख्य गेट, डिवाइडर किनारे लगी लाइट और नालियों की मरम्मत तीन साल बाद भी पूरी नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। इसे लेकर दुर्गा माता मंदिर के पुजारी सहित कस्बावासियों ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों से अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है।स्थानीय लोगों के अनुसार, हाईवे निर्माण के दौरान सड़क किनारे लगे कई हैंडपंप उखाड़ दिए गए थे। इसके अलावा टिमिलपुर मंदिर के प्रवेश द्वार और गेट का गुम्मज हटा दिया गया जो कई माह से गुम्मज मंदिर के पीछे पड़ा हुआ है इसी के साथ डिवाइडर के किनारे लगी लाइटों को भी हटा दिया गया। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी कई स्थानों पर इनकी पुनः स्थापना नहीं कराई गई। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।टिमिलपुर में मुख्यमंत्री पर्यटन योजना के तहत विगत दिनों मंदिर के गेट का निर्माण कराया गया था जो पुनः सड़क निर्माण के दौरान तोड़ दिया गया जो आज भी अधूरा पड़ा है। वहीं तेंदुईपुर स्थित काली माता मंदिर सहित अन्य स्थानों पर भी मरम्मत और सौंदर्यीकरण का कार्य पूरा नहीं हो सका है। कई जगह डिवाइडर निर्माण अधूरा है तो कहीं बिजली के पोल नहीं लगाए गए हैं। हाईवे के किनारे नालियों का निर्माण भी कई स्थानों पर अधूरा होने से जलनिकासी की समस्या बनी रहती है।ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद कार्यदायी संस्था की ओर से मामले में टालमटोल की जा रही है। तीन वर्ष का समय बीतने के बाद भी अधूरे कार्यों का पूरा न होना विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है।शिव मंदिर के पुजारी दिलीप मिश्रा,दुर्गा माता मंदिर के पुजारी रामजनम चौबे व बबलू रस्तोगी,सोनू हलवाई,बाशु सोनी ,छोटे जायसवाल,सहित कस्बावासियों ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से मंदिर के मुख्य गेट सहित सड़क, नाला, डिवाइडर, लाइट और हैंडपंप आदि के अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की मांग की है। लोगों ने चेताया कि जल्द कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे अधिकारियों से पुनः शिकायत कर समस्या के समाधान की मांग करेंगे।

