एक ट्यूववेल से 5 से 6 घंटा में भरता है जल निगम की टंकी
सकलडीहा कस्बा सहित आधा दर्जन गांव के पच्चास हजार ग्रामीण जल निगम के भरोशे
सकलडीहा कस्बा के टिमिलपुर में महीनों से बंद पड़ा फस्ट ट्यूववेल
सकलडीहा।इसे बिडम्बना कहे या विभागीय कोरमपूर्ति बीते दो साल पूर्व टिमिलपुर गांव में लगी जल निगम की दो ट्यूववेल में प्रथम ट्यूववेल की बोरिंग भ्रस्ट होगया था। काफी हो हल्ला मचाने पर छह माह पूर्व बोरिंग करके छोड़ दिया गया। एक ट्यूववेल को लगातार बिजली होने पर 5 से 6 घंटा में पानी टंकी को भरा जाता है। ऐसे में हजारों ग्रामीणों को मात्र दो बार ही पानी मिल पाता है। शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि अनजान बने हुए है। जिसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश पनपने लगा है। शीध्र प्रथम ट्यूववेल शुरू नहीं होने पर आन्दोलन की चेतावनी दिया है।
जलनिगम की ओर से टिमिलपुर गांव में तीन लाख लीटर की पानी टंकी को भरने के लिये जल निगम की ओर से दो ट्यूववेल वर्षो पूर्व बनाया गया है। जिसके माध्यम से तीन दर्जन गांवों को पेयजल आपूर्ति हजारों उपभोक्ताओं के घर होता था। बिगत बीते 10 से 5 साल के अंदर जल निगम की पाइप टूट जाने व रोड निर्माण के कारण मात्र आधा दर्जन गांवों में पेयजल आपूर्ति होता है। शासन की ओर से जल जीवन मिशन के तहत हर घर पेयजल पहुंचाने की कवायद किया जा रहा है। इसके बाद भी अभी भी कई गांवों में लोग हैंडपंप और कूंआ का पानी पीने के लिये मजबूर है। दो साल पूर्व जल निगम की प्रथम ट्यूववेल की बोरिंग भ्रस्ट हो जाने से मात्र एक ट्यूववेल से पानी दिया जाता है। इसके लिये लगातार बिजली मिलने पर 5 से 6 घंटा में टंकी भरता है। जिसके कारण कभी बिजली समय पर नही होने पर एक समय ही पानी उपभोक्ताओं को मिलता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रथम ट्यूववेल की बोरिंग छह माह पूर्व होने के बाद भी शुरू नही किया गया। मात्र 40 मीटर पाईप और स्टार्टर के नहीं लगने के कारण हजारों ग्रामीणों को भीषण गर्मी में पेयजल की समस्या से जूझना पड़ा रहा है। कई बार शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी अनजान बने हुए है। इस बाबत एसडीएम कुंदन राज कपूर ने बताया कि शीध्र विभागीय अधिकारियों के माध्यम से प्रथम ट्यूववेल को शुरू कराया जायेगा। जिससे कस्बावासियों को पेयजल की समस्या से राहत मिल सके।
