मार्ग जर्जर होने के कारण आठ किलो मीटर अतिरिक्त दूरी तय करने के लिये मजबूर है ग्रामीण
टेम्पू सहित अन्य साधन नही चलने के कारण खरीदारी के लिये चंदौली और मुगलसराय जा रहे है ग्रामीण
सकलडीहा रेलवे स्टेशन जाने वाली जर्जर मार्ग पर पैदल आते जाते राहगीर
सकलडीहा। सकलडीहा कस्बा से रेलवे स्टेशन जाने वाली मुख्य मार्ग बीते कई साल से जर्जर है। सड़क पर दो पहिया या साइकिल लेकर आने जाने वालों का पूरा शरीर हिल जाता है। जर्जर मार्ग होने के कारण लोगों को तीन से चार किलो मीटर दूरी तक करके रेलवे स्टेशन जाना पड़ता है। इसके बाद भी पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि अनजान है। विरोध प्रदर्शन के बाद कोरमपूर्ति कर लिया जाता है।
सकलडीहा रेलवे स्टेशन सेनानियों के नाम से जाना जाता है। यहां पर प्रसिद्ध प्राचीन स्वयं भू कालेश्वर नाथ का मंदिर है। इसके अलावा बहरवानी में आत्मअनुसंधान केन्द्र और औघड़ संत डगरिया सरकार का आश्रम है। यहां पर आने जाने के लिये टेम्पू और निजी साधन है। आजादी से लेकर अबतक इस मार्ग पर न तो पटरी बन पाया न तो नाला बनाया गया। वर्षो से सकलडीहा कस्बा से लेकर रेलवे स्टेशन और चतुर्भुजपुर कस्बा की जर्जर मार्ग है। जिला पंचायत सदस्य से लेकर स्थानीय विधायक और लोक सभा सांसद चुनाव के दौरान सड़कों की मरम्मत करने का आश्वासन देते है। चुनाव बीत जाने के बाद सबकुछ भूल जाते है। आगामी दिनों पंचायत चुनाव होने वाला है। जिसको लेकर जिला पंचायत के उम्मीदवार से अन्य जनप्रतिनिधि ताल ठोंकना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जर्जर रोड होने के कारण दो पहिया या साइकिल से जाने पर पूरा शरीर हिल जाता है। प्रतिदिन आने जाने वाले लोग स्पाइनल हड्डी सहित अन्य दर्द से परेशान है। चतुर्भुजपुर में सीसी रोड के लिये महीनों से गिट्टी गिराकर छोड़ दिया गया है। सड़क का निर्माण नहीं होने पर व्यापारियों बताया कि दूर दराज के लोग सकलडीहा और चतुर्भुजपुर खरीदारी न करते हुए चंदौली और मुगलसराय निकल जा रहे है।व्यापारी सोनी,राधेश्याम जायसवाल,अन्नू जायसवाल,प्रवीन जायसवाल, महंगू,अर्जित आनंद,काशीनाथ गुप्ता,बैंकुठ मोदनवाल,आशीष,शिवदास,अनूप जायसवाल,गुड्डू जायसवाल,अनिल जायसवाल,शशि चौरसिया सहित आदि व्यापारियों ने जिला प्रशासन से सड़क निर्माण कराये जाने की मांग किया है।
इनसेट….
सकलडीहा कस्बा के भीतरी बाजार भी किसी पहाड़ी क्षेत्र से कम नही है।आज विगत कई वर्षों पूर्व में सकलडीहा कस्बा के भीतरी बाजार का भी हालत खस्ता बना हुवा है जिसे नया तो दूर मरम्मत के लिए भी अधिकारी से लेकर कोई जनप्रतिनिधि तक नाम नही ले रहे है।बस शेष चुनाव आते ही सड़क मरम्मत से ले कर सभी मूल सुविधाओ को देने की बात शुरू हो जाती है।
