टिमिलपुर की प्राचीन सरोवर में घासफूस होने पर बदबूदार हुई पानी
घासफूस निकालकर घाटों पर छोड़ देने से कस्बावासियों में आक्रोश
कस्बा के प्राचीन सरोवर पर स्वच्छता पखवारा के तहत साफ सफाई में जुटे ब्लॉक प्रमुख अवधेश सिंह व विकास खंड के अधिकारियों
बीते दिनों ग्राम सभा की ओर से कस्बा की प्राचीन सरोवर की साफ सफाई और सुंदरीकरण का अभियान शुरू किया गया। सुंदरीकरण के तहत सरोवर का पानी निकालकर सरोवर के चारों ओर घाट बनाये जाने की कवायद शुरू किया गया। लेकिन ग्राम सचिव की बड़बोलापन के कारण चौतरफा घाटों का निर्माण आधा अधूरा रह गया। बरसात होने पर सरोवर में पानी भर गया। इसके बाद साफ सफाई का ध्यान नहीं देने पर सरोवर में चारों ओर घासफूस जम गया। जबकि आगामी दिनों डाला छठ पर्व का त्योहार है। गुरूवार को स्वच्छता पखवारा के तहत ब्लॉक प्रमुख अवधेश कुमार सिंह बीडीओ विजय कुमार सिंह और एडीओ पंचायत बजरंगी पांडेय दर्जनों साफ सफाई कर्मी के साथ घाट पर पहुंचे। सरोवर के घाटों पर ब्लॉक प्रमुख ने झाड़ू चलाकर श्रमदान किया। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। लेकिन सरोवर की हाल देखकर सचिव के खिलाफ नाराजगी जाहिर किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सचिव सरोवर के सुंदरीकरण के नाम पर कस्बावासियों को सिर्फ गुमराह किया। ब्लॉक प्रमुख ने छठ पूजा से पूर्व सरोवर की साफ सफाई कराने और छठ पूजा बाद सरोवर का सुंदरीकरण कराने का आश्वसन दिया। इस मौक पर बीडीओ विजय सिंह,एडीओ पंचायत बजरंगी पांडेय, प्रधान प्रतिनिधि अशोक कुमार,मुसाफिर यादव,कैलाश यादव,अभय यादव,पवन वर्मा,नंदन सोनी,संत सेठ सहित अन्य मौजूद रहे।
कस्बावासियों ने बताया कि अजीब हाल है अपने शिव सरोवर का इसे दुर्भाग्य ही कहा जाए। आज विकासखंड के कई गांवो के सरोवर को अमृत सरोवर का दर्जा देने के साथ ही उस सरोवर का सुंदरी करण भी किया गया परन्तु दुर्भाग्यपूर्ण ही है सकलडीहा प्राचीन शिव सरोवर जो आज भी उसी हालत से गुजरता हुवा नजर आ रहा है।जब कि इस सरोवर पर अब तक कई मंत्री व विधायक के साथ सांसद तक ने भी आश्वासन दिया था कि जल्द ही शिव सरोवर का सुंदरीकरण कराया जाएगा पर आज तक उसी हालत में पड़ा हुआ है। जब कि सकलडीहा कस्बे सहित आस पास के दर्जनों गांव से लोग यहां हवन पूजन व अन्य अध्यात्मिक कार्य के लिए आया करते है। यही नही इस सरोवर पर डाला छठ,जूतियां पर भारी संख्या में भी भीड़ देखने को मिलता है जिसमे शाशन प्रशासन भी मौजूद रहती है यही नही हर वर्ष इस सरोवर घाट पर शादी व्याह जैसे कितने शुभ कार्य भी किये जाते है।वही आज इस सरोवर का हाल देख कस्बा सहित अन्य गावो के लोग कोसते नजर आते है।
