Home चंदौली सकलडीहा पीजी कॉलेज में हर्षोल्लास से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

सकलडीहा पीजी कॉलेज में हर्षोल्लास से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

0
सकलडीहा पीजी कॉलेज में हर्षोल्लास से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

सकलडीहा पीजी कॉलेज में हर्षोल्लास से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

सकलडीहा। सकलडीहा पीजी कॉलेज में शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर प्रदीप कुमार पांडेय द्वारा ध्वजारोहण कर किया गया। इसके बाद राष्ट्रगान एवं वंदे मातरम का गायन हुआ। शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने राष्ट्रध्वज को सलामी दी। इस अवसर पर प्राचार्य ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का स्मरण कराता है। 15 अगस्त 1947 का दिन भारत के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता के मूल्यों को समझते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। महाविद्यालय की आधारभूत संरचना को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर देश को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें।उपप्राचार्य प्रो. दयानिधि सिंह यादव ने उच्च शिक्षा निदेशक द्वारा प्रेषित पत्र का वाचन किया। उन्होंने पत्र में दिए गए संदेश एवं निर्देशों से उपस्थित लोगों को अवगत कराया तथा स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला।समारोह में महाविद्यालय के प्राध्यापक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। मंच संचालन यज्ञनाथ पाण्डेय ने किया। अंत में राष्ट्र की एकता एवं अखंडता, संविधान के मूल्यों के संरक्षण और देश के प्रति निष्ठा बनाए रखने का संकल्प लिया गया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।इस मौके पर डॉ. उदय शंकर झा, डॉक्टर विजेंद्र सिंह, डॉक्टर दया शंकर यादव, डॉक्टर जितेंद्र, डॉक्टर इंद्रदेव सिंह ,डॉक्टर रजनीश गुप्ता, डाक्टर अजय कुमार यादव ,डॉक्टर वंदना, डॉक्टर राजेश यादव, प्रोफेसर एमपी सिंह, डॉ अभय वर्मा, डॉक्टर विकास जायसवाल, दीपक दुबे ,सरिता देवी, बृजेश यादव, विजय कुमार, आलोक सिंह, भरत कुमार ,संतोष सिंह सहित महाविद्यालय के सभी स्टॉप मौजूद रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

You cannot copy content of this page