सकलडीहा इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन की तरफ से आयोजित किए गए योग एवं स्वस्थ जीवन शैली पर स्वास्थ्य कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्राकृतिक चिकित्सक डॉ0अरुण स्वामी ने कहा कि प्रतिदिन के तनाव से पैदा और जिंदगी को खतरनाक स्थिति में ले जाने वाली गंभीर बीमारियों को देखते हुए ही कहा जाता है की चिंता चिता के समान है और बात बिल्कुल सही साबित होती है इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन के जिला संयोजक डॉ0 अरुण स्वामी ने स्वास्थ्य कार्यशाला मे कहां की भागदौड़ भरी वर्तमान जीवन शैली में सबसे बड़ी उभरती हुई समस्या मानसिक तनाव ही है हर किसी के जीवन में स्थाई रूप से अपने पैर पसार चुका तनाव व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है तनाव ग्रस्त जीवन शैली बिगड़ने से मानसिक व्याधियों प्रबल हो जा रही हैं विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इसके प्रति जागरूकता पैदा करने और उससे बचने के उपाय पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बात हर किसी को हर दिन याद रखनी चाहिए कि तनाव किसी भी समस्या का हल नहीं होता बल्कि कई अन्य समस्याओं का जन्मदाता होता है उदाहरण के लिए तनाव हमें अत्यधिक सर दर्द ,माइग्रेन, उच्च रक्तचाप ,निम्न रक्तचाप ,दिल से जुड़ी समस्याओं से ग्रस्त होता है दुनिया में सबसे अधिक हार्ट अटैक का प्रमुख कारण मानसिक तनाव से ही होता है नियमित संतुलित पोषक आहार व योग प्राणायाम प्रसन्नचित मन व संगीत के द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है। कार्यक्रम में उपस्थित सौरभ, अजय भारती रोहित कुमार मनीष, किशन जी, प्रदीप, सोनू ,अजीत कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
