
हिंदी ने राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में निभाई अहम भूमिका
राष्ट्रीय एकता में हिंदी भाषा का योगदान विषय पर निबंध प्रतियोगिता व विचारगोष्ठी आयोजित
हिंदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद प्राचार्य, शिक्षक व छात्र-छात्राएं।
सकलडीहा। सकलडीहा पीजी कॉलेज में हिंदी दिवस के अवसर पर सोमवार को हिंदी विभाग एवं पुस्तकालय के संयुक्त संयोजन में ‘राष्ट्रीय एकता में हिंदी भाषा का योगदान’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता एवं विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में 50 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग कर हिंदी के राष्ट्रीय, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने हिंदी के ऐतिहासिक विकास के साथ ही राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता में इसकी भूमिका को रेखांकित किया। प्रतियोगिता में रानी यादव ने प्रथम, अंजू यादव व रहनुमा खातून ने संयुक्त रूप से द्वितीय तथा श्वेता यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को क्रमश: 1000, 750 और 500 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डायट चंदौली के प्रवक्ता डॉ. रामानंद कुमार, बीएड विभाग के डॉ. अजय कुमार सिंह यादव तथा हिंदी विभाग के डॉ. उमेश चतुर्वेदी शामिल रहे। निर्णायकों ने विषयवस्तु, भाषा, अभिव्यक्ति, मौलिकता और विषय की प्रासंगिकता के आधार पर निबंधों का मूल्यांकन किया।इसके बाद आयोजित विचारगोष्ठी में प्राचार्य प्रो. प्रदीप कुमार पाण्डेय ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान हिंदी ने देश के विभिन्न क्षेत्रों, वर्गों और समुदायों को एक सूत्र में जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय समाज को जोड़ने वाली सशक्त कड़ी है। राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान हिंदी के माध्यम से स्वतंत्रता का संदेश जन-जन तक पहुंचा।हिंदी विभागाध्यक्ष एवं उपप्राचार्य प्रो. दयानिधि सिंह यादव ने कहा कि हिंदी भारतीय संस्कृति की संवाहक है। देश की विविध भाषायी और सांस्कृतिक परंपराओं को जोड़ने में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसकी व्यापक स्वीकार्यता, सरलता और जनसंपर्क की क्षमता ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्यामलाल यादव ने किया। उन्होंने हिंदी दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी को जनभाषा से ज्ञान, साहित्य और संचार की व्यापक भाषा बनाने में विद्यार्थियों और शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. जितेंद्र यादव एवं अजय कुमार यादव रहे।इस अवसर पर प्रो. दयाशंकर यादव, प्रो. महेंद्र प्रताप सिंह सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
