पुलिस पीकेट बूथ नहीं होने के कारण सुबह शाम सकलडीहा में लगती है जाम
पुलिस कर्मी धूल गरदा और धूप में खड़ा होकर ड्यूटी करने को मजबूर
सकलडीहा। फोर लेन सड़क निर्माण के दौरान कस्बा स्थित सधन तिराहे पर व्यापारियों की सहयोग से बनी पुलिस बूथ को कार्यदायी संस्था की ओर से बुलडोजर लगाकर ध्वस्त कर दिया गया। छह माह बाद भी पुलिस बूथ निर्माण के लिये भूमि चिन्हित नहीं होने से सड़क पर पुलिस कर्मी धूप में ड्यूटी करने के लिये मजबूर है। इसके बाद भी तहसील प्रशासन से लेकर ग्राम सभा की ओर से पहल शुरू नहीं किया गया।
चंदौली से मारूफपुर सैदपुर घाट तक पांच सौ करोड़ की लागत से फोर लेन सड़क निर्माण शुरू है। चौड़ीकरण की जद में कई मकान से लेकर पुलिस बूथ को कार्यदायी संस्था की ओर से ध्वस्त कर दिया गया है। महीनों बाद भी फोर लेने पर ध्वस्त हुई भू स्वामियों को मुआवजा तो दूर धराशायी पुलिस बूथ का निर्माण तक शुरू नहीं हो पाया। तत्कालीन एसडीएम अनुपम मिश्रा और कस्बा प्रभारी के प्रयास के भूमि को चिन्हित भी करने की मुहिम शुरू किया गया। लेकिन नेताओ के दबाब में राजस्व कर्मियों की ओर से भूमि चिन्हित करने में टालमटोल किये जाने पर पुलिस बूथ का निर्माण शुरू नहीं हो पाया। जिसके कारण पुलिस कर्मी सड़क पर धूप में धूल गरदा के बीच ड्यूटी की कोरमपूर्ति करने को मजबूर है। स्थायी पुलिस बूथ नहीं होने के कारण सकलडीहा में जाम की समस्या बनी रहती है। व्यापारी नेता मुराहू विश्वकर्मा, जोखू सिद्दीकी, बाबूजान अहमद,आनंद पांडेय,रतेन्द्र राजभर ने जिला प्रशासन से पुलिस बूथ के लिये भूमि आवंटन कराये जाने की मांग उठाया है।
