दो साल से शिक्षक विहिन 90 छात्राओं की पढ़ाई कैसे पूरा करेगी कोर्स
कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरठी में अटैच अध्यापक के भरोसे पढ़ाई
सकलडीहा। प्रदेश सरकार बेटियों को पढ़ाने के लिए कई तरह से प्रयास करती आ रही है। लेकिन सकलडीहा विकास खंड के कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरठी में पिछले दो साल से एक भी अध्यापक नहीं है। 90 छात्राओं की पढ़ाई व देखरेख के लिए प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक को जिम्मेदारी दी गयी है। लेकिन उनको भी दो विद्यालय में पढ़ाने के लिए काफी दिक्कत हो रही है।
कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरठी में कक्षा छह से नौ तक कुल 90 छात्राएं पंजीकृत है। वर्ष 2023 में यहां पर तैनात अध्यापिका सेनानिवृत्त हो गयी। जिसके बाद शिक्षा अधिकारियों ने प्राथमिक विद्यालय बरठी के प्राध्यानाध्यपक को देखरेख की जिम्मेदारी दे दिया। जबकि प्राथमिक विद्यालय में भी कक्षा एक से पांच तक के 280 छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए सात अध्यापक ही नियुक्त है। पिछले दो साल से कन्या विद्यालय की छात्राओं की पढ़ाई रामभरोसे चल रही है। कई छात्राओं के अभिभावक शिक्षक के अभाव में अपने बच्चों को दूसरे विद्यालय में भेजने को मजबूर हो गए है। विद्यालय में सरकार की ओर से मिड डे मील भोजन सिर्फ उपलब्ध कराया जाता है। विद्यालय में खुद किताब खोलकर क्लास में बैठ पढ़ाई करने के लिए मजबूर छात्राओं का आरोप है कि अटैच अध्यापक आते है तो वह किसी एक कक्षा को पढ़ा पाते है। बाकी के पठन पाठन में काफी समस्या आती है। इस तरह इन छात्राओं को आगे की कक्षा में पढ़ाई के लिए काफी दिक्कत आ सकती है। शिक्षकों की कमी का सीधा असर छात्राओं की पढ़ाई पर पढ़ता है। इस बावत बीईओ अवधेश राय ने बताया कि उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरठी में कक्षा छह से नौ तक कुल 90 छात्राएं पंजीकृत है। वर्ष 2023 में यहां पर तैनात अध्यापिका सेनानिवृत्त हो गयी। जिसके बाद शिक्षा अधिकारियों ने प्राथमिक विद्यालय बरठी के प्राध्यानाध्यपक को देखरेख की जिम्मेदारी दे दिया। जबकि प्राथमिक विद्यालय में भी कक्षा एक से पांच तक के 280 छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए सात अध्यापक ही नियुक्त है। पिछले दो साल से कन्या विद्यालय की छात्राओं की पढ़ाई रामभरोसे चल रही है। कई छात्राओं के अभिभावक शिक्षक के अभाव में अपने बच्चों को दूसरे विद्यालय में भेजने को मजबूर हो गए है। विद्यालय में सरकार की ओर से मिड डे मील भोजन सिर्फ उपलब्ध कराया जाता है। विद्यालय में खुद किताब खोलकर क्लास में बैठ पढ़ाई करने के लिए मजबूर छात्राओं का आरोप है कि अटैच अध्यापक आते है तो वह किसी एक कक्षा को पढ़ा पाते है। बाकी के पठन पाठन में काफी समस्या आती है। इस तरह इन छात्राओं को आगे की कक्षा में पढ़ाई के लिए काफी दिक्कत आ सकती है। शिक्षकों की कमी का सीधा असर छात्राओं की पढ़ाई पर पढ़ता है। इस बावत बीईओ अवधेश राय ने बताया कि उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
