
सकलडीहा। एसडीएम अनुपम मिश्रा को युवा संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ताओ ने बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। मोर्चा के पदाधिकारियों ने पंचायतों में चुनी महिला प्रतिनिधियों के स्थान पर उनके प्रतिनिधि को विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमो में शामिल होने पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसपर प्रभावी रोक लगाने की मांग किया।
मोर्चा के संयोजक शैलेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि पंचायती व्यवस्था में महिलाओं को आगे लाने के लिए तमाम आरक्षण के बावजूद भी महिला की भागीदारी सुनिश्चित होने के बाद भी उनके पतियों के द्वारा प्रतिनिधि बनकर पढ़ी-लिखी महिला होने के बावजूद भी उन्हें पर्दे में रखकर उन्हें मानसिक व सामाजिक रूप से दबाने का प्रयास किया जा रहा है। बहुत सी महिलाएं समाज में बढ़ चढ़कर अपनी भागीदारी अपने प्रतिनिधित्व को सुरक्षित करना चाहती हैं। वह पंचायत की बहन बेटियों के साथ कंधे से कंधा मिला करके चलना चाहती हैं। लेकिन रूढ़िवादी सोच उन्हें घर से बाहर निकलने नहीं देती है । राष्ट्रीय पर्व के दिन भी उन्हे झंडा तोलन के लिए नही कहा जाता है। पंचायत भवन,विद्यालय या किसी भी सरकारी कार्यक्रम में भागीदारी न करते उनकी भागीदारी पतियों के चक्कर में सुरक्षित नहीं हो पा रही है। इस पुरानी सोच की वजह से महिला कार्यक्रमों की जागरूकता का परिणाम धरातल पर फलीभूत नही हो पा रहा है। एसडीएम ने इस पूरे मामले पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए ठोस कार्रवाई की बात कही है। इस मौके पर विनय कुमार तिवारी, कुलदीप चौहान,अमित दुबे, संतोष दुबे, दिलीप पांडेय, माधव पांडेय आदि प्रमुख रूप से रहे।
