खड़ेहरा में संचालित राइस मिल बना शोपीस
सकलडीहा। जिले के दर्जनों राइस मिलरों को फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआर के)चावल नहीं मिलने से राइस मिल शोपीश बना हुआ है। गुरूवार को राइस मिलर एसोसिएशन संघ के अध्यक्ष विनोद पांडेय ने इस संदर्भ में विभागीय अधिकारियों केा पत्रक देकर अवगत कराया है। राइस मिलरों ने आरोप लगाया कि आपूर्तिकर्ता की ओर से तय रेट से अधिक की मांग किया जा रहा है। समय के साथ डिमांड भी पूरा नहीं किया जा रहा है। जिससे धान की खरीदारी में भी असर पड़ रहा है। समस्या का समाधान कराये जाने की मांग किया है।
फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआर के)चावल जो सामान्य चावल में आयरल,फोलिक एसिड और विटामिन बी 12 जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों को मिलाकर तैयार किया जाता है। भारत सरकार की ओर से कुपोषण से लड़ने के लिये और बड़े पैमाने पर सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से निपटने के लिये यह चावल तैयार किया जाता है। इसके लिये लाखों की लागत से राइस मिलर इसकी मशीन भी लगवाये है। चावल की पैकिंग के दौरान मशीन के माध्यम से एफआरके चावल को मिलाया जाता है। बगैर इसके राइस मिलरों की धान की खरीदारी नहीं होता। बीते दो माह से राइस मिलरों को आपूर्ति कर्ता द्वारा एफआरके उपलब्ध नहीं कराये जाने से राइस मिल शोपीश बना हुआ है। इससे धान की खरीदारी भी प्रभावित हो रहा है। राइस मिलर एसोसिएशन संघ के अध्यक्ष विनोद पांडेय ने बताया कि आपूर्ति कर्ता द्वारा एफआरके चावल का निर्धारित रेट से अतिरिक्त मांग किया जा रहा है। इसके साथ ही जो डिमांड किया गया है। राइस मिलरों को अभी तक एफआरके चावल उपलब्ध नहीं हो पाया है। समस्या के समाधान के लिये विभागीय अधिकारियों को पत्र देकर अवगत कराया गया है।
