टूटी पंरपरा
रावण दहन के लिये स्कूली बच्चों ने कागज का बनाया रावण
सकलडीहा।सकलडीहा कस्बा में 36 सालों से नव दिवसीय दुर्गा पूजा के साथ रावण दहन और रामलीला का आयोजन होता चला आ रहा था। पूर्व में समिति के पदाधिकारियों के साथ हुई विवाद के कारण इस साल राम लीला और रावण दहन कार्यक्रम स्थगित हो गया है। जिससे कस्बावासियों में काफी मायूसी है। वही ताजपुर की एक निजी स्कूल की छात्रों ने कागज का रावण बनाकर तैयार किया है। जो चर्चा का विषय बना हुआ है।
सकलडीहा कस्बा के प्राचीन शिव सरोवर के समीप बीते 36 सालों से रजिस्टर्ड दुर्गा पूजा सेवा समिति की ओर से नवदिवसीय दुर्गा माता की विभिन्न रूपों की झांकी और रामलीला के साथ दशहरा पर रावण दहन किया जाता था। जिसके लिये समिति के पदाधिकारी दिन रात जुटकर रावण की 60फूट का प्रतिकात्मक पूतला दहन करते थे। लेकिन बीते दिनों एक संत की प्रतिमा स्थापना को लेकर हुई विवाद में पुलिस और तहसील प्रशासन के मौन साध लेने के कारण रामलीला के साथ दशहरा पर होने वाली दशानंद की प्रतिकात्मक पूतला दहन का कार्यक्रम स्थगित होगया। पहली बार टूटी पंरपरा से कस्बावासियेां में मायूसी है। दहशरा पर कस्बा के छोटे बड़े सैकड़ों दुकानदारों के साथ आस्थावानों की भीड़ उमड़ता था। विवाद के कारण हवन कुंड भी मंदिर मार्ग पर हवन पूजन किया गया। जिससे मंदिर मार्ग पूरे दिन अवरूद्ध रहा। वही कस्बा के कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि समिति के पदधिकारियों के मनमानी के कारण विवाद हुआ। हालाकि ताजपुर एक निजी स्कूल की छात्राओं ने तीस फूट का कागज का रावण बनाया है। जो दशहरा के दिन रावण का प्रतिकात्मक स्कूल में ही पूतला दहन किया जायेगा।
