सकलडीहा। नया साल सकलडीहा पीजी कॉलेज के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया है। महाविद्यालय को एक साथ तीन बड़ी उपलब्धियां हासिल हुई हैं। जिसमें ग्रामीण युवाओं के सशक्तिकरण पर मिला भारत सरकार का पेटेंट सबसे प्रमुख है। इसके साथ ही कॉलेज को राष्ट्रीय संगोष्ठी की मेजबानी और विद्या परिषद में प्रतिनिधित्व का गौरव भी प्राप्त हुआ है। महाविद्यालय के तीन वरिष्ठ शिक्षकों प्रो. दयाशंकर सिंह यादव (विभागाध्यक्ष, समाजशास्त्र), प्रो. महेंद्र प्रताप सिंह (विभागाध्यक्ष, भूगोल) एवं डॉ. वंदना (मनोविज्ञान) को संयुक्त रूप से भारत सरकार द्वारा पेटेंट प्रदान किया गया है। उनके शोध का विषय सामुदायिक कौशल के द्वारा ग्रामीण युवा का सशक्तिकरण है। यह पेटेंट न केवल अकादमिक नवाचार को दर्शाता है। बल्कि ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास और संसाधन मानचित्रण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। वहीं दूसरी बड़ी उपलब्धि के रूप में वैश्विक मामलों की भारतीय परिषद (आईसीडब्ल्यूए ), नई दिल्ली ने महाविद्यालय को राष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए वित्तीय सहायता स्वीकृत की है। रक्षा अध्ययन विभाग के प्रभारी प्रो. विजेंद्र सिंह के नेतृत्व में आगामी मार्च के दूसरे सप्ताह में ऑपरेशन सिंदूर भारतीय विदेश एवं सुरक्षा नीति पर प्रभाव विषय पर चर्चा होगी। इस परिषद के अध्यक्ष देश के माननीय उपराष्ट्रपति होते हैं।जबकि तीसरी उपलब्धि के तहत कॉलेज के शैक्षणिक सम्मान में बढोत्तरी करते हुए पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर की विद्या परिषद में कॉलेज के प्रो. दयाशंकर सिंह यादव को तीन वर्षों के लिए सदस्य नामित किया गया है। उनकी यह नियुक्ति माननीय कुलपति द्वारा की गई है। इन ऐतिहासिक उपलब्धियों पर महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी और क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. ज्ञान प्रकाश वर्मा ने हर्ष व्यक्त करते हुए शिक्षकों को बधाई दी है। इस बाबत प्राचार्य प्रोफेसर प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद हमारे शिक्षकों ने अपने बौद्धिक परिश्रम और शोध से महाविद्यालय की गरिमा को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। यह पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।

